हो सके तो खुश रहो अनवरत,
कि
दुखों से क्यों नाता जोड़ते हो!
कि
अंजानो को भी अपना बनाते रहो अनवरत!
कि
लोग खुद तुम्हारे साथ हो लेगे अनवरत !
खुद
को समझा सको तो समझा लेना!
कभी
किसी पर इल्जाम मत लगाना इस जहाँ में,
कि
गुनहगार बनाना दुनिया का काम है अनवरत!
जमीं
को चाँद बना सको तो बना लेना!
जो
जिक्र करते हैं, वह अक्सर बेवफा होते है!
कभी
किसी एक के हो जाना अनवरत,
कि
मुश्किल है किसी एक को अपना बनाना !