Mahi
Wednesday, February 29, 2012
बेसर्बी
१
वह आये न महफ़िल में, तो बेसर्बी से इंतजार करते है....
और अगर आ जाये तो हम महफ़िल से रुख्सत की सोचते है....
२
आजकल हर नया शख्श अपना सा
लगता है,
कि जो अपने थे कि उनसे मन भर गया माही का......
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