जब भी वह माही के पास आते है , जज्बातों को थाम लेते है …
मगर उनकी निगाहे सब बयां कर जाती है ….
यही इश्क कि ख़ूबसूरती है...उनका दिल बेक़रार हैं मगर जबान पर इन्कार है …
वह बेवजह रूठे थे , सोचा
की हम उन्हें मनाने आयेगे...
हमारी भी जिद थी की पहले पास आओ तब मनायेगे...
और अंजाम ये हुआ कि
दोनों ही भींग नहीं पाए, जबकि बारिश सारी
रात होती रही .....